
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन बढ़ा दिया गया है।विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति के बाद शुक्रवार को मानसून सत्र को एक दिन और बढ़ाने की घोषणा की।ऐसे में मानसून सत्र की अब कुल 11 बैठकें होंगी और सत्र 10 सितम्बर तक चलेगा।इससे पूर्व संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सत्र में आज भी अधिक कामकाज है।ऐसे में विपक्ष की मांग है कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर नियम 130 के तहत लाए गए प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा की जाए,क्योंकि अधिकांश सदस्य इस मुद्दे पर बोलना चाहेंगे।साथ ही सत्र की बैठक एक दिन और बढ़ा दी जाए।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संसदीय कार्य मंत्री के इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि सरकार सत्र को बढ़ाने को तैयार है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सत्र को बढ़ाए जाने का समर्थन किया।वहीं शुक्रवार को सदन में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश प्राइवेट शिक्षा संस्थान (विनियामक आयोग) संशोधन विधेयक,2024 को प्रस्तुत किया,जिसे सदन में पारित कर दिया।साथ ही उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित कुल मिलाकर 17 संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए।इसमें इटरनल विश्वविद्यालय,एपीजी विश्वविद्यालय,अरनी विश्वविद्यालय, अभिलाषी विश्वविद्यालय,बद्दी यूनिवर्सिटी ऑफ इमर्जिंग साइंसिज एंड टैक्नोलॉजी,बाहरा विश्वविद्यालय,श्री साई विश्वविद्यालय,दि इंस्टीच्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनांशियल, एनलिस्ट्स ऑफ इंडिया विश्वविद्यालय,चितकारा विश्वविद्यालय,इंडस इंटरनैशनल विश्वविद्यालय,महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय,शूलिनी बायोटैक्नोलॉजी एंड मैनेजमैंट साइंसिज विश्वविद्यालय,करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय,आईईसी विश्वविद्यालय,मानव भारती विश्वविद्यालय एवं महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय शामिल हैं।इस बिल के तहत प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों को अब विधानसभा में वर्ष के दौरान के लेखा विवरण एवं वार्षिक रिपोर्ट को प्रस्तुत करना होगा।वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सदन में अटल आयुर्विज्ञान और अनुसंधान विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2024 पेश किया।इस बिल पर अब चर्चा होगी।वहीं नियम 324 के तहत सदन में विधायक राकेश कालिया,रणवीर सिंह,राकेश जम्वाल,सुरेंद्र शौरी,लोकेंद्र कुमार,अनुराधा राणा और बिक्रम सिंह ने अपने विस क्षेत्रों से जुड़े मसलों को उठाया,जिसका सरकार की तरफ से लिखित में उत्तर दिया गया।
