
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सौरव चौहान ने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू सत्ता सुख के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं।उन्होंने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट राज्य के सभी सेक्टर को संतुष्ट किया। एक साधारण व्यक्तित्व की पहचान को बरकरार रखते हुए सीएम सुक्खू लगातार दूसरे बजट के लिए अपनी पुरानी ऑल्टो कार को खुद ही चला कर विधानसभा पहुंचे।अपने कार्यकाल के दूसरे बजट में उन्होंने सरकारी मुलाजिम,मनरेगा के मजदूर,किसान एवं बागवान,युवा एवं बेरोजगार,महिला एवं गरीब परिवार,उद्योग जगत,खेल-खिलाड़ी समेत सभी वर्गों को तोहफा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।यहां तक कि जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ-साथ कानून की रक्षा करने वाले पुलिस कर्मियों को भी मालामाल कर दिया।विभिन्न वर्गों के लिए कई ऐलान किए गए।सीएम सुक्खू ने पिछली बार हिमाचल का ग्रीन बजट पेश किया,तो इस बार आत्मनिर्भरता से पहाड़ के विकास के नए दौर का इबारत लिखी।हिमाचल की आर्थिक हालात ठीक नहीं होने पर भी सुख की सरकार ने कुल मिलाकर राज्य के हरेक क्षेत्र और सभी वर्गों का ख्याल रखा। वित्त वर्ष 2024-25 में रोजगार के द्वार खुलेंगे और हिमाचल में विकास की रफ्तार और तेज होगी।सेब उत्पादक राज्य हिमाचल के बागवान पिछले कई वर्षों से यूनिवर्सल कार्टन की मांग उठा रहे थे तो सीएम सुक्खू ने मांग पूरी कर दी।ऐसे में इस बार के सेब सीजन में यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब बिकेंगे।सीएम सुक्खू ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 58444 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया।सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी से संबंधित बकाया का भुगतान 1 मार्च 2024 से चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का तोहफा दिया।पहली अप्रैल 2024 से चार प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते की किस्त जारी की जाएगी। जिसका सभी कर्मचारियों को इंतजार था।दिहाड़ीदारों को 25 रुपये बढ़ोतरी के साथ 400 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी।आउटसोर्स कर्मियों को अब न्यूनतम 12,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।पंचायत वैटनरी असिसटेंट को मिलने वाले 7000 रुपये प्रतिमाह को बढ़ाकर 7500 किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,आउटसोर्स कर्मी,पंचायत चौकीदार, राजस्व चौकीदार,राजस्व लंबरदार समेत एसएमसी अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी कर इन्हें तोहफा दिया। सीएम सुक्खू ने विधायक ऐच्छिक निधि बढ़ाई,जिससे स्थानीय क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।
