
पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा ने कहा कि पैंशनर्ज का महासम्मेलन 17 दिसम्बर को पालमपुर में होगा।इसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी क्योंकि बिना आंदोलन के सरकार मानने वाली नहीं है।इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों,पैंशनर्ज, मजदूरों व बेरोजगारों के साथ अन्याय करने का भी आरोप लगाया।यह बात उन्होंने शिमला में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने जो वायदे किए थे,वे पूरे नहीं हुए हैं।उन्होंने कहा कि पुरानी पैंशन लागू करना सराहनीय है,लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। जिन्हें ओपीएस दिया गया है,उन्हें ग्रैज्युटी,लीव इन कैशमैंट व कम्युटेशन का लाभ नहीं मिला है,ऐसे में प्रदेश में झूठ की राजनीति नहीं चलेगी।गोपाल दास वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठ की राजनीति से सत्ता में आती है तथा फिर मुकर जाती है। वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार बेरोजगारी भत्ता देने के वायदे पर सत्ता में आई थी,जो आज तक नहीं मिला।अब विधानसभा चुनावों के दौरान दी गई 10 गारंटियां पूरी होने की संभावना नहीं है।ऐसे में अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए कर्मचारियों व पैंशनरों को इकट्ठा होना होगा।वर्मा ने कहा कि उन्होंने 6 माह पूर्व सीएम कार्यालय में मिलने को लेकर पत्र लिखा था,जिसका अब तक जवाब नहीं आया।गोपाल दास वर्मा ने कहा कि गत एक वर्ष से कर्मचारियों को डीए का एरियर तथा कर्मचारियों व पैंशनरों को मेडिकल रिइम्बर्समैंट का पैसा नहीं मिला है जबकि पूर्व सरकार ने कोरोना के बावजूद यह राशि कर्मचारियों को समय पर जारी की।
