
आध्यात्मिक जागृति के अनुपम आयोजन‘76वें वार्षिक तीन दिवसीय निरंकारी संत समागम की तैयारियाँ एक योजनाबद्ध रूप में व्यापक स्तर पर सम्पन्न हो गई ह।सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता की पावन छत्रछाया में यह दिव्य संत समागम दिनांक 28,29 एवं 30 अक्तूबर को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल,समालखा में आयोजित होने जा रहा है जो समस्त संसार में ’सुकून-अंर्तमन’ का परिचय देगा।इस पावन संत समागम में देश एवं दूर-देशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होकर सत्गुरु के दिव्य दर्शन और उनके पावन प्रवचनों से लाभान्वित होंगे। समागम स्थल पर सभी मैदानों में आगंतुकों हेतु आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जा चुकी है।समागम स्थल पर एक विशाल सत्संग समारोह पण्डाल भी बनाया गया है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के बैठने का प्रबंध किया गया है।सत्संग पण्डाल में भक्तों की सुविधा हेतु अनेक एल.ई.डी. स्क्रीन लगाई गई है जिससे मंच पर होने वाले प्रत्येक कार्यक्रम को दूर बैठे सभी श्रद्धालुगण स्पष्ट रूप से देखकर समागम का भरपूर आनंद प्राप्त कर पायेंगे।

समागम स्थल पर सत्गुरु माता प्रतिदिन पहुंचकर सभी भक्तों को अपना पावन आशीर्वाद प्रदान करेंगे जिसका सानिन्ध्य पाकर सभी भक्त आनंद की अनुभूति प्राप्त करेंगे।प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी निरंकारी प्रदर्शनी एवं निरंकारी बाल प्रदर्शनी सभी भक्तों के लिए आर्कषण का केन्द्र बनी हुई है जिसकी विषय-वस्तु मूलतः इस वर्ष के समागम शीर्षक ’सुकुनः अंर्तमन का’ पर आधारित है।समागम स्थल पर चार ग्राउंड बनाए गए हैं इन सभी ग्राउंडों में भक्तों हेतु रिहायशी टैंटों की व्यवस्था की गई है।साथ ही लंगर की सुविधा के साथ-साथ जलपान हेतु लगभग 22 कैंटीनों का भी प्रबंध किया गया है। प्राथमिक चिकित्सा से लेकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेतु मेडीकल एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी सुचारू रूप से प्रबंध व्यवस्था की गई है।साथ ही लगभग 60 देशों से कॉयरोप्रैक्टिक डॉक्टरों की टीम भी समागम में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।मिशन के साहित्य की अधिक जानकारी के लिए प्रकाशन विभाग द्वारा विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए हैं।समागम स्थल पर पार्किंग की उचित व्यवस्था की गई है।इसके अतिरिक्त भारतीय रेलवे द्वारा लगभग सभी स्टेशन पर आगंतुको हेतु व्यवस्था की गई है।

समागम स्थल के मैदानों में सन्त निरंकारी मंडल के विभिन्न कार्यालयों,सन्त निरंकारी चौरीटेबल फाउंडेशन,समागम संचालन समिति कार्यलय,सेवादल का केन्द्रीय कार्यलय,लेखा-जोखा विभाग,पत्रिका विभाग,ब्रांच प्रशासन,भवन निर्माण और रख रखाव, प्रचार विभाग,प्रेस एवं पब्लिसिटी विभाग,दूरसंचार तथा रेलवे आरक्षण केन्द्र प्रमुख हैं।निसंदेह वार्षिक निरंकारी संत समागम आनंद का एक ऐसा पावन सुअवसर होता है,हर जाति,हर मजहब और विभिन्न संस्कृतियों के जन सम्मिलित होकर आपस में एक दूसरे का सत्कार करते हुए स्वंय को आनंदित एवं धन्य महसूस करते है।
