वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार द्वारा बनाए 7 वार्ड रद्द कर दिए हैं।सरकार ने नगर निगम एक्ट 124 में संशोधन कर वार्डों की संख्या को 41 से 34 करने को लेकर अध्यादेश लाया है।यानी अब निगम चुनाव 34 वार्डों में ही होंगे।इसके चलते अब वार्डों का पूर्णसीमांकन भी रद्द हो गया है।पूर्व की जयराम सरकार ने शिमला नगर निगम के जो 7 नए वार्ड बनाए थे,उनमें शांकली,लोअर खलीनी,लोअर,विकासनगर,ब्रोकहोस्ट,कुसुम्पटी-2,ढींगूधार,लोअर कृष्णा नगर शामिल थे।इन्हें कांग्रेस सरकार ने निरस्त कर अध्यादेश लागू कर दिया है।
“अब दोबारा से जारी होगा वार्डों का आरक्षण रोस्टर”
सरकार के इस फैसले के चलते जिला प्रशासन की ओर से चुनाव को लेकर अब तक की गई तैयारियां भी धरी की धरी रह गई हैं।निगम चुनाव को लेकर अब दोबारा से प्रक्रिया शुरू होगी।प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश नगर निगम अध्यादेश 2023 लाया गया है,जिसमें शब्द 41 को 34 से बदल दिया गया है इसके तहत चुनाव में नगर निगम के वार्डों की संख्या अब फिर से 34 हो जाएगी।इसके साथ ही अब तक जारी किए गए वार्डों के आरक्षण रोस्टर भी रद्द हो जाएंगे। सरकार निगम चुनाव को लेकर अब दोबारा से वार्डों के आरक्षण रोस्टर जारी करेगी।सरकार नए सिरे से चुनावी प्रक्रिया को शुरू करेगी।
“जून में पूरा हो चुका है मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षदों का कार्यकाल”
नगर निगम चुनाव जून,2022 में प्रस्तावित थे लेकिन समय पर चुनाव नहीं हो पाए हैं इसके चलते सरकार ने शहर में विकासात्मक कार्यों को लेकर प्रशासक की तैनाती की है।मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षदों के कार्यकाल 17 जून,2022 को पूरा हो चुका है।अब निगम चुनाव मार्च तक होने की उम्मीद की जा रही है।
