हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन की मांग कर रहीं महिला कर्मचारियों ने करवाचौथ पर्व पर हाथों में मेहंदी रचाकर अपनी मांग उठाई। जिला मंडी सहित पूरे प्रदेश में महिला कर्मियों ने हाथों में मेहंदी से वोट फॉर ओपीएस लिखकर मांग भी उठाई और करवाचौथ पर्व भी मनाया।उनका कहना है कि पुरानी पेंशन बहाल होने से ही उनका बुढ़ापा सुरक्षित है। एनपीएसईए महिला विंग की राज्य अध्यक्ष सुनेश शर्मा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनीता चौहान,महासचिव ज्योतिका मेहरा, संगठन सचिव पूजा सभ्रवाल, उपाध्यक्ष मोनिका राणा और सोशल मीडिया इंचार्ज अलका ने कहा कि उन्हें सरकार से पुरानी पेंशन को बहाल करने की उम्मीद है।आचार संहिता तक एनपीएस कर्मचारी इसका इंतजार कर रहे हैं।अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो इस बार सभी कर्मचारी अपना वोट पुरानी पेंशन बहाली के लिए देंगे।कर्मचारियों ने छह वर्षों से संघर्ष किया है। अब पुरानी पेंशन बहाली के अलावा कुछ मंजूर नहीं है।प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी एनपीएस और एक लाख कर्मचारी ओपीएस के दायरे में आते हैं।उन्होंने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है।हिमाचल के कर्मचारी पिछले 6 सालों से संघर्ष कर रहे हैं।इस पर अभी सरकार गौर नहीं कर रही है। आचार संहिता से पहले प्रदेश सरकार इसकी घोषणा नहीं करती है तो सभी कर्मचारी वोट फॉर ओपीएस अभियान के तहत चुनावों में अहम भूमिका निभाएंगे।
