परियोजना के लिए जारी किए 4 करोड़ रुपये।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यहां वीरवार सायं कांगड़ा जिला के देहरा स्थित दुर्गेश अरण्य अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान में विकसित की जाने वाली महत्वाकांक्षी थीमैटिक गार्डन परियोजना का शुभारंभ किया।उन्होंने परियोजना के कार्यान्वयन के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड (एचपीएसबीबी) के माध्यम से मुख्य वन्य जीव संरक्षक,हिमाचल प्रदेश को 4 करोड़ रुपये की राशि जारी की।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा,वैज्ञानिक अनुसंधान तथा ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।यह थीमैटिक गार्डन लगभग 22,247 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और आगंतुकों को प्रदेश की विविध वनस्पतियों और प्राकृतिक धरोहर का जीवंत एवं समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा।उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत फिकेरियम विकसित किया जाएगा,जिसमें फाइकस की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा तथा उनके पारिस्थितिकीय और संरक्षण संबंधी महत्व को रेखांकित किया जाएगा।इसके अतिरिक्त,आर्बोरेटम में देशी एवं विदेशी प्रजातियों के पेड़ों का संग्रह किया जाएगा,जो पर्यावरण संरक्षण,शिक्षा और वैज्ञानिक अध्ययन को प्रोत्साहित करेगा। परियोजना के तहत एक वॉच टावर भी बनाया जाएगा,जहां से आसपास के प्राकृतिक नजारों का अवलोकन किया जा सकेगा।इसके अतिरिक्त,बैंबूसेटम में विभिन्न बांस प्रजातियों को प्रदर्शित कर उनकी पारिस्थितिकीय एवं आर्थिक उपयोगिता तथा सतत विकास में उनकी भूमिका को इंगित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण कर प्रदेश में सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।उन्होंने कहा कि यह थीमैटिक गार्डन संरक्षण जागरूकता,पर्यावरण संरक्षण,अनुभवात्मक शिक्षण तथा वैज्ञानिक अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।साथ ही यह प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने कहा कि इस परियोजना से विद्यार्थियों,शोधकर्ताओं,पर्यटकों तथा प्रकृति प्रेमियों को प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता को समझने का एक उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा।मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा वन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना और तैयारियों के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण होने पर यहां आने वाले पर्यटकों को यात्रा का अनुपम अनुभव प्राप्त होगा तथा यह परियोजना देश में जैव विविधता संरक्षण एवं ईको-टूरिज्म का एक आदर्श केंद्र बनकर उभरेगी।उन्होंने कहा कि इस परियोजना का कार्यान्वयन मुख्य वन्यजीव संरक्षक,हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जाएगा,जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेगा।इस अवसर पर पर्यावरण,विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला,प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद,पर्यावरण,विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक एवं हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव पुष्पेंद्र राणा,संयुक्त सदस्य सचिव डॉ.सुरेश सी.अत्री तथा वन विभाग एवं हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे
