मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में विकास की नई इबारत लिखने का ऐलान करते हुए कहा कि कांगड़ा जिले को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि धर्मशाला में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए 400 से 500 करोड़ रुपए की लागत से एक भव्य अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा।सीएम ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार की देन थी,लेकिन पिछले वर्षों में इसे वह स्वरूप नहीं मिल पाया,जिसकी जनता को अपेक्षा थी।शहर के नियोजित विकास के लिए मुख्यमंत्री ने सभी 17 वार्डों के लिए 1-1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की जानकारी दी।आचार संहिता के कारण औपचारिक घोषणा अभी बाकी है,लेकिन फंड जारी किया जा चुका है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होगा।प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के लिए 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज छोड़ कर गई है।क्षेत्र के प्रशासनिक महत्व को बढ़ाने के लिए शिमला से सात कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित किए गए हैं।साथ ही, कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार और क्षेत्र में तीन नए हेलिपोर्ट बनाने की योजना पर काम चल रहा है,ताकि शक्तिपीठों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान हो सके।मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी की पीठ थपथापते हुए नगर निगम चुनावों को कांग्रेस का घोषणा पत्र भी जारी किया।इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्मशाला शहर को मॉडल शहर बनाएगी।मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित रह गया है।उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कांगड़ा के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपए की राशि में से एक रुपया भी प्रदेश को क्यों नहीं मिला?सुक्खू ने भाजपा की आंतरिक कलह पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है।

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