हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पालमपुर नगर निगम चुनाव के मद्देनजर आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया।इस दौरान उन्होंने जहां एक ओर कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां गिनाईं,वहीं दूसरी ओर पूर्व भाजपा सरकार पर कर्ज और भ्रष्टाचार को लेकर तीखे हमले किए।मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आते ही 76,833 करोड़ रुपए का कर्ज और कर्मचारियों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का एरियर विरासत में मिला।उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार को केंद्र से 47 हजार करोड़ रुपए की विशेष सहायता और 13 हजार करोड़ रुपए की जीएसटी क्षतिपूर्ति मिली,फिर भी प्रदेश पर कर्ज बढ़ता गया। सीएम ने कहा कि उस दौरान कर्ज उतारने की बजाय चहेते ठेकेदारों को हजारों करोड़ रुपए के ठेके बांटे गए और ऐसे भवन बनाए गए,जो आज भी खाली पड़े हैं।सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही व्यवस्था परिवर्तन के तहत भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए और फिजूलखर्ची पर रोक लगाई।शिक्षा के क्षेत्र में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के समय चुनावों से ठीक पहले बिना स्टाफ और सुविधाओं के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोल दिए गए थे।उस समय केंद्र सरकार के आकलन में हिमाचल शिक्षा गुणवत्ता में 21वें स्थान पर खिसक गया था। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित किया।पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया और शिक्षा विभाग के तीन अलग-अलग निदेशालयों को मिलाकर एक कर दिया गया।इसी का नतीजा है कि मात्र 3 वर्षों के भीतर हिमाचल प्रदेश शिक्षा गुणवत्ता में 5वें स्थान पर पहुंच गया है।सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 150 सरकारी सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी स्थापित किए जा रहे हैं।उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 30 जून से पहले इन सीबीएसई स्कूलों में 50-50 शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी,जिसमें योग और संगीत शिक्षकों के पद भी शामिल होंगे।इस बीच आपदा प्रबंधन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि वर्ष 2023-24 में कुल्लू और मंडी में आई भीषण आपदा में 23 हजार परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए।केंद्र सरकार केवल 1.5 लाख रुपए की सहायता दे रही थी,लेकिन राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से प्रभावित परिवारों को 7 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी।उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल को 1952 से विशेष श्रेणी राज्य के रूप में केंद्र से 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे,जिसे अब बंद कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने पालमपुर में कांग्रेस द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना की।उन्होंने कहा कि शहर को आगे बढ़ाने में नगर निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।सीएम ने ऐलान किया कि नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद प्रत्येक वार्ड के विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की जाएगी।

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