
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है उन्होंने कहा है कि जब भ्रष्टाचार में संलिप्त चेहरे बेनकाब होने लगे हैं,तो पूरी कांग्रेस पार्टी और सरकार में खलबली मच गई है।जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के बजाय मुख्यमंत्री साक्ष्यों को दबाने और दोषियों को संरक्षण देने में जुटे हैं,जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।चेस्टर हिल मामले का विशेष उल्लेख करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भले ही सरकार ने भारी दबाव और सोशल मीडिया पर मामला उजागर होने के बाद मुख्य सचिव द्वारा जारी विवादास्पद पत्र को वापस ले लिया हो,लेकिन इससे सरकार की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती,बल्कि कई ऐसे अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं जिनका जवाब ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा देने वाली इस सरकार को प्रदेश की जनता को देना ही होगा।जयराम ठाकुर ने सिलसिलेवार तरीके से सरकार को घेरते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि मुख्य सचिव द्वारा लिखे गए पत्र को आनन-फानन में वापस लेना पड़ा और क्या वह पत्र वास्तव में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिखा गया था?उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह पत्र किसके इशारे पर लिखा गया था और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।
