हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गत वर्ष जो बाढ़ और तेज बारिश से नुकसान हुआ,उसके जख्म अभी भरे नहीं है।इस बरसात में जिस प्रकार से भारी बारिश कुछ स्थानों पर हो रही है और जो नुकसान हो रहा है,यह दुखद है।उन्होंने कहा कि जान व माल का नुकसान हुआ है,इसमें परिवारों की क्षति को पूरा नहीं किया सकता है।उन्होंने सभी से आग्रह है कि इस समय सतर्क रहें बचाव करें।सरकार ने समूचे हिमाचल में 24 घंटे मदद के लिए आपदा प्रबंधन के अधिकारी तैनात किए हैं, उनकी सूची जारी की है।किसी भी दिक्कत में कभी भी संपर्क किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि बारिश में कोई भी रिस्क न लें,जान जोखिम में न डालें,सतर्कता से रहें,वाहन चालक भी सफर के दौरान लैंड स्लाइडिंग का ध्यान रखें। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटने-बाढ़ और वर्षा से जल शक्ति विभाग को अब तक 196 करोड़ का नुक़सान हो चुका है।अकेले गत बुधवार की बारिश से 44 करोड़ का नुक़सान हुआ और 352 योजनाएं प्रभावित हुईं।यह नुक़सान कुल्लू शिमला व रिकांगपियो में हुआ।शिमला के मत्याना क्षेत्र की कुर्पन योजना को बड़ा नुक़सान हुआ है।इसके पंप हाउस,मशीनरी और पाइप्स के बहने से दस करोड़ का नुक़सान हुआ है।रामपुर पेयजल का सोर्स एवं पाइप बहने से कऱीब 8 करोड़ की चपत विभाग को लगी है। अफ़सरों व कर्मचारियों के आगामी आदेशों तक सारे अवकाश रद्द रहेंगे।कुल प्रभावित 2421 स्कीमों में 1438 बहाल हो चुकी हैं।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि पंचायत स्तर पर ऐसे प्वाइंट्स को देखें,जहां नुकसान हो सकता है।उन्होंने कहा कि ऐसे घर जो खतरे की जद में हो सकते हैं,वहां से लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकालने का प्रशासन प्रबंध करें।

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