हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले जिला परिषद अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण रोस्टर तय कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के सभी 12 जिलों में अध्यक्ष पदों की श्रेणी स्पष्ट हो गई है।यह आरक्षण व्यवस्था पंचायत चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जाती है और इसके आधार पर ही उम्मीदवार अपनी रणनीति तय करते हैं।विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी रोस्टर के अनुसार सिरमौर और सोलन जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला (एससी महिला )के लिए आरक्षित किया गया है।मंडी जिला का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।किन्नौर जिला में यह पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) और लाहौल-स्पीति में अनुसूचित जनजाति महिला (एसटी महिला) के लिए तय किया गया है।वहीं,कांगड़ा जिला में अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला(ओबीसी-महिला) के लिए आरक्षित किया गया है।वहीं हमीरपुर और चंबा जिलों में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।इसके अलावा शिमला,कुल्लू,ऊना और बिलासपुर जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष पद ओपन श्रेणी में रखे गए हैं,जहां सभी वर्गों के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।पंचायत चुनावों के मद्देनजर इस आरक्षण सूची को महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि जिला परिषद अध्यक्ष पद स्थानीय स्तर की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है।आरक्षण तय होने के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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