हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने अपने सुदृढ़ीकरण और डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान के अंतर्गत बैंकिंग सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।बैंक द्वारा अपनी दो शाखाओं—जुब्बल और सरस्वती नगर के नवनिर्मित एवं अत्याधुनिक परिसरों का उद्घाटन किया गया।इन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस परिसरों का लोकार्पण बैंक के अध्यक्ष देविन्द्र श्याम द्वारा बैंक के निदेशक संजय शर्मा और एच.के.हिमराल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।यह विस्तार न केवल बैंक की बुनियादी संरचना को मजबूती प्रदान करता है,बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर बैंकिंग सुविधाएं पहुँचाने के बैंक के संकल्प को भी दोहराता है।समारोह को संबोधित करते हुए बैंक के अध्यक्ष देविन्द्र श्याम ने कहा कि बैंक प्रदेश की जनता की आर्थिक समृद्धि के लिए पूरी तरह समर्पित है।

उन्होंने बताया कि जुब्बल और सरस्वती नगर की इन शाखाओं को नवीनतम बैंकिंग तकनीक और सभी आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है,ताकि स्थानीय निवासियों,विशेषकर बागवानों और व्यापारियों को एक ही छत के नीचे निर्बाध,त्वरित और पारदर्शी बैंकिंग अनुभव प्राप्त हो सके श्री श्याम ने जोर देकर कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल पारंपरिक बैंकिंग तक सीमित रहना नहीं है,बल्कि डिजिटल साक्षरता और समावेशी बैंकिंग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करना है।क्षेत्र के आर्थिक विकास पर चर्चा करते हुए अध्यक्ष ने किसानों और बागवानों के लिए बैंक की विशेष ऋण योजनाओं का विवरण साझा किया।उन्होंने ‘मिनी पिक-अप/मिनी ट्रक ऋण योजना’ पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसान भाई अब अपनी उपज को मंडियों तक पहुँचाने के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बन सकते हैं।इसके साथ ही, उन्होंने आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देने वाली ‘हाई डेंसिटी प्लांटेशन ऋण योजना’का उल्लेख करते हुए बताया कि बैंक बहुत ही कम ब्याज दरों और आकर्षक ‘स्केल ऑफ फाइनेंस’ पर ऋण उपलब्ध करवा रहा है ताकि हिमाचल के बागवान आधुनिक तकनीक अपनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।अपने संबोधन के समापन में अध्यक्ष श्री देविन्द्र श्याम ने बैंक के सामाजिक उत्तरदायित्व और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर विशेष प्रकाश डाला।उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि बैंक की ‘सशक्त महिला ऋण योजना’ और बच्चों के लिए चलाई जा रही ‘सपनों का संचय’ जैसी लोकप्रिय योजनाओं के माध्यम से अब तक प्रदेश की हजारों महिलाएं और बच्चे बैंक से जुड़ चुके हैं।उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सशक्त महिला ऋण योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अपना स्वयं का कारोबार स्थापित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में क्रांतिकारी मदद की है।अध्यक्ष ने आह्वान किया कि समाज का हर वर्ग बैंक की इन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाए।इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह में बैंक के निदेशक संजय शर्मा, एच.के.हिमराल,वरिष्ठ अधिकारी,सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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