
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आरडीजी पर कांग्रेस सरकार सिर्फ राजनीति कर रही है।सदन में झूठे आंकड़े दिए जा रहे हैं और विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।इसलिए भाजपा इस मामले में केंद्र मे अपना पक्ष अलग से रखेगी।कांग्रेस नेताओं के साथ जाने का सवाल ही नहीं है।उनके साथ प्रेस वार्ता में विधायक बलबीर वर्मा,विनोद कुमार,हंसराज और कर्ण नंदा मौजूद थे।जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से हिमाचल को भरपूर सहयोग मिल रहा है।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से असली अन्याय तो यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री रहते स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस में करीब 1600 करोड़ मिले थे।वर्तमान सरकार को अब तक 6000 करोड़ से ज्यादा मिल चुके हैं।इसके बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणियां की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दा यह नहीं है कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख हुआ या नहीं,बल्कि असली प्रश्न यह है कि जब यह ग्रांट प्रदेश को मिल रही थी,तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट का रोना रो रही थी। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के बाद यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई है,तो वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन करे और प्रदेश को आगे ले जाए।नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पर राजनीतिक प्रस्ताव लाने पर अमादा थी।विपक्ष ने चर्चा में भाग लेकर तीन साल के कार्यकाल की नाकामियों को तथ्यों सहित रखा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान कई तथ्य गलत ढंग से प्रस्तुत किए गए और जब विपक्ष ने उन्हें सुधारने के लिए बोलने का अवसर मांगा तो अनुमति नहीं दी गई।ऐसी स्थिति में विरोध स्वरूप भाजपा विधायकों को सदन के वेल में जाना पड़ा।
