पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार देश के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी हाल में उनसे समझौता नहीं होगा। अमरीका से हुई ट्रेड डील और यूरोपीय यूनियन से हुए मुक्त व्यापार समझौते का देश के बागवानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।भारत सरकार द्वारा सेब के न्यूनतम आयात मूल्य को बढ़ाने की वजह से किसी भी देश के सेब की लैंडिंग काॅस्ट हिमाचल के सेब से अधिक ही रहेगी।मोदी सरकार ने न्यूजीलैंड,यूरोपीय संघ और अमरीका से आने वाले सेब के मामले में बागवानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित किया है। शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ठोस,दूरदर्शी और संतुलित कदम उठाए हैं।सेब आयात को लेकर न्यूजीलैंड,यूरोपीय संघ और अमरीका जैसे देशों के साथ होने वाले व्यापारिक प्रावधानों में यह सुनिश्चित किया गया है कि घरेलू सेब उत्पादकों के हितों पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सेब आयात के लिए न्यूनतम आयात मूल्य,सीमित कोटा, मौसमी समय सीमा और सेफगार्ड प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया है,जिससे सस्ता विदेशी सेब भारतीय मंडियों में आकर हिमाचल प्रदेश के बागवानों को नुक्सान नहीं पहुंचा सकता।जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत में सेब का कुल घरेलू उत्पादन लगभग 22 लाख मीट्रिक टन है,जबकि कुल आयात लगभग 5.5 लाख मीट्रिक टन के आसपास है।यह दर्शाता है कि आयात घरेलू उत्पादन की तुलना में सीमित है और वह भी पूरी तरह नियंत्रित तथा विनियमित ढांचे के अंतर्गत किया जाता है।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सेब के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के प्रयास किए गए,लेकिन आज नीतिगत स्पष्टता और तथ्यों ने यह सिद्ध कर दिया है कि मोदी सरकार ने हर स्तर पर सेब बागवानों के हितों की रक्षा की है। ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को आश्वस्त किया कि भारतीय जनता पार्टी उनकी आवाज के साथ मजबूती से खड़ी है और भविष्य में भी सेब उत्पादकों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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