मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पीटरहॉफ में प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र द्वारा आयोजित ‘डॉक्टर्स अवार्ड 2025’ समारोह की अध्यक्षता की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में समाचार पत्र लोगों को सूचनाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच प्रदान कर रहे हैं।यह समाचार पत्र महिलाओं और युवाओं को विभिन्न प्रेरणादायक कार्यक्रमों के माध्यम से मंच प्रदान कर रहा है और ‘डॉक्टर्स अवार्ड 2025’ भी ऐसा ही एक मंच है।मुख्यमंत्री ने एचओडी नेफ्रोलॉजी एम्स बिलासपुर के प्रो.(डॉ.)संजय विक्रांत,अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज शिमला के प्रिंसिपल,प्रोफेसर एवं प्रमुख प्रो.(डॉ.)बृज शर्मा,राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर के कुलपति प्रो.संजीव शर्मा,एआईएमएसएस चमियाना के प्रोफेसर एवं प्रमुख न्यूरोलॉजी डॉ.सुधीर शर्मा,आईजीएमसी शिमला के रूमेटोलॉजिस्ट(मेडिसिन विभाग) के डॉ.विकास शर्मा,एआईएमएसएस चमियाना के एसोसिएट प्रोफेसर यूरोलॉजी डॉ.कैलाश बरवाल,पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के एचओडी ऑर्थोपेडिक्स डॉ.मणिक सहगल,टांडा के न्यूरोसर्जन (ब्रेन एवं स्पाइन विशेषज्ञ)डॉ.मुकेश कुमार,टांडा के सहायक प्रोफेसर रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी डॉ.अमित शर्मा,जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट (ऑर्थोपेडिक्स)डॉ.वीरेंद्र नेगी,जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट (ओबीजी)डॉ.वरुण कपूर,जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट(जनरल सर्जरी) डॉ.दीपक ठाकुर,क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ,किन्नौर के मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट(जनरल सर्जरी)डॉ.भारतेन्दु नागेश,अभिनम आई केयर सेंटर सोलन के विशेषज्ञ डॉ.अभिराज कुमार को उनकी निःस्वार्थ एवं असाधारण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने में दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उप निदेशक (प्रशासन) पंकज राय को भी सम्मानित किया गया।तंेजिन अस्पताल शिमला,नेगी क्लीनिक एवं नर्सिंग होम ठियोग(शिमला)जनता अस्पताल एवं पाइल्स सेंटर,डॉ.दक्ष खुराना लिवर एंड डाइजेस्टिव केयर तथा करण सिंह वैद्य प्राचीन आयुर्वेद को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया।पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दे रही है और पिछले तीन वर्षों में इसे सुदृढ़ करने के लिए कई पहल की गई हैं।उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की राह पर चलते हुए पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के दृष्टिगत अनेक कदम उठाए गए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य की उधार लेने की सीमा में 1,600 करोड़ रुपये की कटौती की है।इसके अलावा राजस्व घाटा अनुदान जो वर्ष 2021-22 में 10,949 करोड़ रुपये था को केन्द्र ने घटाकर वर्ष 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये कर दिया है।स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार एआईएमएसएस चमियाना में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की गई और यह सुविधा टांडा मेडिकल कॉलेज में भी उपलब्ध करवाई जा रही है।अभी तक चमियाना अस्पताल में 120 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष,2026 की शुरुआत तक राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं शुरू की जाएंगी।यह लोगों को उनके घर के नजदीक उन्नत उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के उन्नयन और आधुनिक सेवाओं के विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा लोगों को उच्च गुणवत्तायुक्त उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।उन्होंने कहा कि एआईएमएसएस चमियाना में एक एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर स्थापित किया जा रहा है।इसके साथ ही आईजीएमसी और टांडा में एआई-सक्षम अत्याधुनिक प्रयोगशालाआंे के लिए 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए अस्पतालों में विशेष ओपीडी परामर्श स्लॉट शुरू किए जा रहे हैं ताकि उन्हें प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने बताया कि 236 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 150 अतिरिक्त पदों को भरने की स्वीकृति दी जा चुकी है।रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्य अवधि को भी युक्तिसंगत किया गया है,36 घंटों के ड्यूटी आवर्स को घटाकर 12 घंटे किया गया है।इसके अतिरिक्त,वरिष्ठ रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 1,00,000 रुपये तथा सुपर स्पेशियलिटी विभागों में 1,00,000 से बढ़ाकर 1,30,000 रुपये किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हुआ है और एनएएस सर्वे में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से छलांग लगाकर 5वें स्थान पर पहुंच गया है।पहले चरण में 100 चयनित सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है और 20 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों का कार्य शुरू हो चुका है।संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है।मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत उनकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा रहा है।दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा के लिए सोलन के कंडाघाट में एक उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है।इससे पूर्व दिव्य हिमाचल के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्यों का स्वागत किया।उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में समाचार पत्र की यात्रा और योगदान को विस्तारपूर्वक बताया।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल)धनी राम शांडिल,एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आर.एस. बाली,शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान,उप-महापौर उमा कौशल,सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार,दिव्य हिमाचल समाचार पत्र के क्षेत्रीय संपादक संजय अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *