
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यहां मुख्यमंत्री सहारा योजना और हिमकेयर योजना की विस्तृत समीक्षा की।इस अवसर पर उन्होंने सहारा योजना का लोकल ऑडिट करने के निर्देश दिए ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।उन्होंने कहा कि सहारा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।इस क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।उन्होंने सहारा योजना के लाभार्थियों को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ने के निर्देश भी दिये।उन्होंने हिम केयर योजना के तहत विभिन्न मापदंडों और बजट के बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना के अन्तर्गत पंजीकरण के समय लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉगनेशन आधार पर किया जाएगा,जिसके लिए स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा हिम केयर योजना के डेटा का विश्लेषण कर प्रदेश में विभिन्न बीमारियों की स्थिति जानने और स्वास्थ्य क्षेत्र में नीति निर्माण के लिए किया जाएगा।उन्होंने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों की देय राशि का भुगतान करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्राइवेट वार्ड में इलाज की अनुमति प्रदान की जाएगी।ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वस्थ हिमाचल की परिकल्पना को महत्त्व देते हुए नागरिकों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए रोबोटिक सर्जरी,स्टेट कैंसर इंस्टीच्यूट सहित पैट स्कैन,स्पैक्ट-स्कैन जैसी आधुनिक मशीनों की स्थापना की गई है।उन्होंने कहा कि राज्य में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान,रोगी मित्र योजना,वैलनेस सेंटर और आई.जी.एम.सी शिमला में ट्रामा सेंटर जैसी योजनाएं स्वास्थ्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकर (नवीनीकरण,डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस)गोकुल बुटेल,अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के.पंत,सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंग्टी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
