भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश की प्रत्येक पंचायत में बैंक की शाखा खोली जाएगी,ताकि लोगों को घरद्वार पर बैंकिंग सुविधाएं व सेवाएं प्राप्त हो सकें। आरबीआई गवर्नर सोलन के कोठों स्थित कला केंद्र के सभागार में पीएनबी के वित्तीय समावेशन संतृप्ति कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का लक्ष्य लोगों को घरद्वार बैंक की सुविधाएं प्रदान करना है।पूरे देश में बैंकिंग सेवाओं का जाल बिछ गया है।यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि 500 की जनसंख्या वाले क्षेत्र की पांच किलोमीटर की परिधि में भी बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त हों।संजय मल्होत्रा ने कहा कि हिमाचल सहित पहाड़ी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है।500 की आबादी वाले प्रत्येक गांव के पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवा उपलब्ध है।यही कारण है कि देश की आबादी से अधिक बैंक खाते खुल गए हैं।संजय मल्होत्रा ने मंच से कहा कि डिजिटल क्रांति के साथ बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल फ्रॉड के मामले में भी बढ़े हैं।उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन फ्रॉड भी एक बड़ा कारण है,इसलिए अपना फोन कभी किसी को न दें या फिर केवल अपनी निगरानी में ही दूसरे को अपना फोन इस्तमाल करने दें।आरबीआई गवर्नर ने हिमाचल प्रदेश और प्रदेश के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश ने साक्षरता व बैंकिंग क्षेत्र में बहुत तरक्की की है।प्रदेश की साक्षरता दर जहां 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है,वहीं,डिजिटल बैंकिंग भी 100 फीसदी है।हिमाचल 100 फीसदी वित्तीय डिजिटल साक्षरता वाले राज्यों में शुमार है।आरबीआई गवर्नर ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देश में करीब 55करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं।इसमें से अभी तक 11 करोड़ खातों की रि-केवाईसी नहीं हुई है।उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के सभी बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों को इन खातों की रि-केवाईसी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रि-केवाईसी डिजीटल फ्रॉड से बचने का सुरक्षा कवच है।

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