
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज,करसोग और नाचन में प्राकृतिक आपदा से 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।शिमला में प्रेस वार्ता में जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री को कैबिनेट बैठक में मंडी जिला के लिए विशेष आपदा पैकेज घोषित करने का फैसला करना चाहिए। क्षेत्र में बिजली,पानी और सड़कों की स्थिति बहुत खराब है।कुछ जगह अस्थायी व्यवस्था हुई है।नेता विपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार मंडी जिला के विशेषकर सराज क्षेत्र में हुए नुकसान को लेकर संवेदनशील नहीं है।बीते दिनों लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता का तबादला कर दिया गया है।इससे राहत कार्य और भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रासदी जयराम ठाकुर के क्षेत्र में आई है,इसलिए सरकार मदद नहीं कर रही है।कांग्रेस सरकार आपदा में अवसर ढूंढ रही है।बीते दिनों ही मंत्री अनिरुद्ध सिंह का उन्हें फोन आया था और उन्होंने कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र से पंचायती राज के प्रशिक्षण केंद्र को शिफ्ट किया जाना है।सरकार मदद करने की जगह कार्यालय शिफ्ट करने में जुट गई है।शिमला के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण नुकसान हो गया तो क्या प्रदेश की राजधानी ही बदल दी जाएगी।पूर्व सीएम ने कहा कि मंडी में भाजपा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से ही राहत कार्य चल रहे हैं।उन्होंने कहा कि मैं जल्द दिल्ली का दौरा कर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर उन्हें ताजा स्थिति बताऊंगा।उन्होंने कहा कि मंडी आपदा को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार संवेदनशील नहीं है।जिला में कोई भी वरिष्ठ अधिकारी प्रदेश सरकार की ओर से नहीं लगाया गया है।इन क्षेत्रों को पटवारियों के हवाले छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री 9 दिन बाद आए पर केवल एक करोड़ की घोषणा करके चले गए।घर क्षतिग्रस्त होने के लिए 7 लाख की घोषणा हुई है।इसमें से प्रदेश को केवल 4 लाख डालने पड़ते हैं और 3 लाख तो केंद्र डालता है,लेकिन,इसकी भी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई।मुख्यमंत्री को त्रासदी के समय पॉलीटिकल माइलेज लेने की आवश्यकता नहीं है।

जगत सिंह नेगी की बयानबाजी को लेकर जताई नाराजगी:नेता विपक्ष ने बीते दिनों राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से की गई बयानबाजी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नेगी का कहना है कि जब सराज में नुकसान हुआ,तब जयराम ठाकुर को आपदा से हुए नुकसान की याद आई।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी को इस समय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।मंत्री को 42 लोगों के बहने पर आनंद की अनुभूति हो रही है।उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस प्रकार के बयान देने वाले मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
