
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पात्र लोगों को वन भूमि पर अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।अगस्त से वन अधिकार पट्टे जारी किए जाएंगे।इस संबंध में राजस्व,बागवानी,जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि एफआरए 2006 के तहत अनुसूचित जनजाति व अन्य श्रेणियों के सदस्य,जो 13 दिसंबर 2005 से पहले तीन पीढ़ियों से वन भूमि पर निवास कर रहे हैं और अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं,उन्हें भूमि का अधिकार दिया जाएगा।मंत्री ने बताया कि आगामी महीनों में एफआरए के तहत दावे पेश करने और उनकी जांच के लिए कई स्तरों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।जून में ग्राम सभा दावे आमंत्रित करेगी और जुलाई में उपमंडल स्तरीय समिति दावों की समीक्षा करेगी।अगस्त में राज्य स्तरीय समिति द्वारा दावों का अंतिम अनुमोदन किया जाएगा और वन अधिकार पट्टे जारी किए जाएंगे।इसके अलावा सरकार एफआरए एप और हैल्पलाइन नंबर भी जल्द जारी करने जा रही है,ताकि दावे के प्रसंस्करण में तेजी लाई जा सके।
