
जमीन से बेदखली,भूमि नियमितिकरण और अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर से आए किसानों और बागवानों ने पंचायत भवन में एकत्रित होकर विधानसभा की ओर कूच किया और यहां चौड़ा मैदान में सरकार के खिलाफ हल्ला बोला,हिमाचल किसान सभा एवं सेब उत्पादक संघ के तत्वावधान में आयोजित इस धरने में प्रदेश भर से आए लोगों ने भाग लिया।यहां किसानों व बागवानों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मंत्रियों के साथ पहुंचे और ज्ञापन लेते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

किसान नेता और पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि सभी बेदखलियां नियमों की अवहेलना करके की जा रही है। पिछले 10 वर्षों में डीएफओ कोर्ट द्वारा सार्वजनिक पब्लिक परमिसिस एक्ट के तहत हजारों बेदखली आदेश दिए गए तथा हिमाचल के डिविजनल कमिश्नर और उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें बरकरार रखा गया।सर्वोच्च न्यायालय ने अब इन्हें रद्द कर दिया है या हिमाचल उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया गया है,लेकिन यह बेदखली अभी भी जारी है।किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ.कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि दो वर्षों में बहुत बड़े पैमाने पर जमीनों का नुक्सान हुआ है और कुछ किसानों की सारी जमीन नष्ट हो चुकी है और यहां तक कि घर बनाने के लिए भी जमीन नहीं बची है,ऐसे में बेदखली करना जीने के अधिकार का उल्लंघन है।सेब उत्पादक संघ के सह-संयोजक संजय चौहान किसान सभा के पूर्व महासचिव डा.ओंकार शाद सहित जिलों से आए किसान नेताओं मंडी से कुशाल भारद्वाज,कुल्लू से नारायण चौहान,पूर्ण ठाकुर,रामपुर से देवकी नंद,कांगड़ा से सतपाल,सिरमौर से राजेंद्र ठाकुर ने रैली को संबोधित किया।अब आगामी 28 अप्रैल को उपमंडल,खंड,तहसील स्तर पर किसान प्रदर्शन करेंगे।

