
संजौली में उठे मस्जिद विवाद को लेकर राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने पूर्व की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व की जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार पर मस्जिद की फंडिंग के आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में वर्ष 2019 में मस्जिद निर्माण के लिए करीब दो लाख रुपए की फंडिंग सरकार के प्लानिंग हैड से की है।मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते हुए मस्जिद के लिए 12 लाख रुपए की मदद की है,विधानसभा में नगर निगम की ओर से दिए जवाब के अनुसार मस्जिद में पहले एक मंजिल बनी थी और 2010 से 2024 तक इसके ऊपर चार मंजिलें अवैध बनाई गईं।उन्होंने मस्जिद कमेटी संजौली,मौलवी तथा वक्फ बोर्ड की अवैध निर्माण को खुद गिराने व हटाने के लिए नगर निगम आयुक्त को आवेदन देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए एक मिसाल है।उन्होंने कहा कि संजौली में हुए प्रदर्शन में आधे से ज्यादा भाजपा के कार्यकर्त्ता थे और उन्हें कानून को हाथ में नहीं लेना चाहिए था,उन्होंने कहा कि स्ट्रीट हॉकर्स व वैंडर्ज के लिए कमेटी भी फाइनल होने जा रही है,कानून में संशोधन के माध्यम से हिमाचल या राज्य के बाहर के सभी स्ट्रीट वैंडर्ज के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा,उन्होंने कहा कि रियासत काल में 1945-46 की जमाबंदी में यह जमीन राणा साहब बहादुर कोटी के नाम थी,1951-52 तक प्रांतीय सरकार में धर्म इस्लाम के नाम इसका कब्जा रहा।
कोरोना काल में हुआ मस्जिद का अवैध निर्माण:विक्रमादित्य।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मस्जिद मामले पर भाजपा राजनीति न करें,मस्जिद की तीन मंजिलों का निर्माण कोरोनाकाल में हुआ,पूर्व भाजपा सरकार के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने खुद मस्जिद के मौलाना को ट्रांसफर करने के लिए डी.ओ.नोट लिखा था,जो सोशल मीडिया पर वायरल है,उन्होंने कहा कि संजौली में हुए घटनाक्रम को सरकार ने गंभीरता से लिया है,लगातार सरकार माहौल को ठीक करने का प्रयास कर रही है,प्रदेश में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे है,उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहर से जो प्रवासी आ रहे हैं,उनकी चैकिंग और वैरीफिकेशन होनी चाहिए,इसके लिए बहुत जल्द कमेटी बनाई जाएगी और जनता के सुझाव लिए जाएंगे।
