
राज्पपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला के नारकण्डा से करीब सात किलोमीटर दूर हाटू मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की,लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उनके साथ थीं।राज्यपाल का हाटू मंदिर का यह पहला दौरा था,यहां के प्राकृतिक नजारे से वह बहुत प्रभावित हुए।राज्यपाल के हाटू मंदिर पहुंचने पर हाटू मंदिर कमेटी के प्रधान भुपिंन्दर सिंह कंवर,भंडारी हेत राम और सचिव ज्ञान चंद डोगरा ने स्वागत किया।

भुपिंन्दर सिंह ने राज्यपाल को मंदिर के इतिहास और स्थानीय मान्यताओं से अवगत करवाया।राज्यपाल ने धार्मिक स्थल हाटू को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा इस स्थान पर और सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बाद में,राज्यपाल ने नारकण्डा में पौधारोपण अभियान में भी भाग लिया।राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने सर्किट हाउस नारकण्डा के समीप पौधारोपण किया।जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी इस अवसर पर पोधा रोपण किया।

अपने संदेश में,राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए पौधारोपण समय की आवश्कता है।उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान यहां के वनों से भी है जिनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मौसम में आ रहे परिवर्तन का एक प्रमुख कारण वनों का कटान भी है।पौधे लगाकर हम इस कमी को पूरा कर सकते हैं।राज्यपाल के सचिव सी.पी.वर्मा,उपमंडल दण्डाधिकारी कुमारसैन के.के. शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

