
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सभी चारों सीटों पर भारी बहुमतों से जीत हासिल करेगी।भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले कांग्रेस के प्रत्याशी ज्यादा अनुभवी और लोकप्रिय हैं।जो जनता के सुख दुख से लेकर जनता की समस्याओं का हल करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं।यह बात पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने एक प्रेस बयान में कही।उन्होंने कहा कि मंडी सीट पर पार्टी ने एक ऐसे युवा प्रत्याशी को मैदान में उतारा है जो अनुभवी के साथ- साथ युवाओं,बुजुर्गों,माताओं और बहनों में बहुत लोकप्रिय हैं।पार्टी ने कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह को प्रत्याशी बनाकर भाजपा को मतदान से पूर्व ही चित कर दिया है।चार जून को विक्रमादित्य सिंह भारी बहुमत से चुनाव जीतेंगे और भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त करेंगे।हिमराल ने कहा कि विक्रमादित्य एक तीर से दो निशाना साधेंगे एक ओर जहां भाजपा प्रत्याशी को बुरी तरह पराजित करेंगे तो दूसरी ओर से नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का राजनीति कैरियर खत्म करेंगे।जिस तरह से विक्रमादित्य सिंह की जनसभाओं में लोगों की भीड़ उमड़ रही है,उससे साफ जाहिर है कि विक्रमादित्य सिंह रिकॉर्ड तोड़ मार्जन से जीत हासिल करने वाले हैं।उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा ने ऐसे प्रत्याशी को टिकट दी है जो हवा हवाई बातें करती हैं तो दूसरी ओर वे विक्रमादित्य सिंह हैं जिन्होंने हमेशा लोगों के सुख: दुख में साथ दिया है।प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने ऐसे प्रभावशाली कार्य किए हैं जिसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है।आपदा के दौरान प्रदेश की सड़कों की जो दुर्दशा हुई थी उसे बहाल करने में सिर्फ 15 दिन का समय लगाया।लेकिन दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी सिर्फ राजनीति करते रहे और आपदा में राहत देने के लिए कई बहाने ढूंढती रही,इतना ही नहीं भाजपा प्रत्याशी मुंबई में फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त रही।जबकि उनके साथ आजकल प्रचार कर रहे जयराम ठाकुर सिर्फ राजनीति करते रहे और पीएम मोदी के पास जा जाकर हिमाचल को मिलने वाली राहत राशि को रोकने का काम करते रहे।हिमराल ने कहा कि मंडी सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है,जिसके विकास के लिए पूर्व सीएम स्व.वीरभद्र सिंह का बड़ा योगदान रहा है।राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल 1983 में शुरू हुआ था और 1990 तक लगातार दो बार वह इस पद पर बने रहे।केंद्रीय राजनीति में अनुभवी,वीरभद्र पांच बार सांसद और छः बार सीएम रहे थे।उन्होंने बखूबी राज्य का कार्यभार संभाला और पर्यटन के विकास के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाई।राजा साहब इतने बड़े लोकप्रिय नेता थे कि वे 1985,1993,2003 और 2012 में फिर से मुख्यमंत्री चुने गए।साल 1976-77 में पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री बने थे।उन्होंने 2009 में लोकसभा चुनाव भी जीता और केंद्रीय इस्पात मंत्री और बाद में सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री के रूप में काम किया।केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने हिमाचल के मुद्दों को बखूबी निभाया।अब उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं जो अपने पिता की तरह भाजपा को पटखनी देंगे।इससे पहले इस सीट पर हुए उप चुनाव में प्रतिभा सिंह ने भी भाजपा प्रत्याशी का गरूर तोड़ा था अब एक फिर भाजपा का यही घमंड विक्रमादित्य तोड़ने वाले हैं ।
