केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रदेश सरकार पर विकास विरोधी बजट बनाने का आरोप लगाया कहा कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू महिलाओं से ही बजट बनाना सीख लेते।यदि सीख लिया होता तो आज यह दिक्कत न होती।उन्होंने आरोप लगाया कि बजट बनाने,इसका उपयोग करने,लंबी अवधि के निवेश करने व राजस्व एकत्र करने को लेकर झाेल-मेल है।आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विकास व जनता के काम करवाने के लिए नहीं,पैसे निकालने के लिए बजट बनाती है।इस वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश सरकार ने अपने मात्र 16 माह के कार्यकाल में 25000 करोड़ से अधिक का कर्ज लिया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने 5 वर्षों में 17000 करोड़ का कर्ज लिया था।मीनाक्षी लेखी रविवार को शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थीं।उन्होंने कहा कि भाजपा अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जा रही है,जबकि प्रदेश सरकार अपने 16 माह का रिपोर्ट कार्ड नहीं दिखा पा रही है,ऐसे में साफ है कि सुक्खू सरकार सुख नहीं दुख की सरकार है,जो बदला-बदली की भावना से काम कर रही है तथा पूर्व सरकार के समय में खोले गए संस्थान बंद किए हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज तक जनता को गुमराह करने के अलावा कुछ नहीं किया तथा लोगों को कह रहे हैं कि उनके पास पैसे नहीं हैं,जबकि वर्ष 2014 में हिमाचल का बजट 57 करोड़ था,जो आज करीब 59 करोड़ पहुंच गया है।इससे साफ है कि यह सारा बजट केंद्र से आया है।मीनाक्षी लेखी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 10 वर्षों में देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। यूपीए सरकार के दौरान देश नाजुक अर्थव्यवस्था के दौर में था,जिसे पीएम ने विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल किया है।वहीं दूसरी ओर हिमाचल में आयुष्मान व हिमकेयर का लाभ लोगों को अब नहीं मिल पा रहा है। पीएमजीएसवाई के 1200 करोड़ रुपए काम नहीं होने के कारण सरैंडर हुए हैं।मीनाक्षी लेखी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार महिला विरोध है।महिलाओं को 1500 रुपए देने का वायदा किया था,जाे आज तक पूरा नहीं हुआ।सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने को लेकर उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री आनंद शर्मा डब्ल्यूटीओ लेकर आए थे,जिस कारण यह नहीं हो पा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार मिलकर किसानों व बागवानों की समस्या हल कर सकती है।

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