
Himachal Pradesh Vidhan Sabha मानसूत्र सत्र के तीसरे दिन विधानसभा का घेराव करने और अपनी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए प्रदेश भर से कोविड वाॅरियर्ज यहां पहुंचे और उनकी सेवाओं को निरंतर जारी रखने और स्वास्थ्य विभाग में बनाई गई सरकारी संस्थाओं (सोसायटीज) में उन्हें मर्ज करने की मांग उठाई है। हिमाचल प्रदेश रियल कोविड वाॅरियर्ज यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष अंजलि भारद्वाज ने कहा कि जब पूरे देश और प्रदेश में कोविड महामारी के डर से लोग अपने घर से बाहर नहीं निकल पाते थे तो उस समय हमें सेवा प्रदान करने का अवसर मिला।हम सभी कर्मचारियों ने अपने परिवार की भी परवाह न करते हुए पूरे तन-मन से मरीजों को सेवाएं दीं।उस समय तो उनके द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना करते रहे,उनके ऊपर हैलीकॉप्टर से फूलों तक की बौछार कर इन सभी को सम्मानित किया गया लेकिन जैसे-जैसे कोविड काल खत्म होता गया वैसे-वैसे उनकी सेवाओं को भुलाया जाने लगा और उनकी नौकरी खतरे में आती गई।अंजलि भारद्वाज ने कहा कि कोविड कर्मियों ने पहली और दो सितम्बर को सचिवालय के पास रैली निकाली थी तो उस समय मुख्यमंत्री ने उन्हें यह कहकर आश्वासन दिया था कि वे अपना मांग पत्र स्वास्थ्य मंत्री को दें और हमें कुछ दिनों का समय दिया और यह कहा गया कि इस बारे में कुछ हमारे पक्ष में सोचा जाएगा लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।इसलिए वे बुधवार को फिर से प्रदेश भर से एक रैली के माध्यम से अपनी मांगों को रखने आए हैं और लिखित रूप में आश्वासन लेकर ही मानेंगे।
