शिमला/ठियोग,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया।उनके साथ ठियोग से भाजपा प्रत्याशी रहे अजय श्याम,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, एपीएमसी के पूर्व चेयरमैन नरेश शर्मा,सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा,मंडल अध्यक्ष दूनी चंद कश्यप विशेष रूप में उपस्थित रहे।
सुरेश कश्यप ने ठियोग में मझार पंचायत का द्वारा किया,भाजपा नेता अजय श्याम ने बताया कि आज़ादी के बाद इस पंचायत में यह पहली बार है की किसी सांसद ने दौरा किया है,यह पल भाजपा के लिए एतिहासिक है,इस पंचायत से भाजपा को विधानसभा चुनावो में लीड प्राप्त हुई थी और आने वाले समय में यह लीड बरकरार रहेगी सुरेश कश्यप ने कहा की प्रदेश में डी नोटिफिकेशन एक्सप्रेस वाली सरकार चल रही है और इस एक्सप्रेस ने ठियोग विधानसभा में 10 संस्थान बंद कर दिए है।उन्होंने कहा की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पूरे भारत में केवल बेरोजगारी और महंगाई के बारे में बात करते है पर हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही तीन रुपए डीजल महंगा कर जनता पर बोझ बढ़ा दिया।आज तो सरकार ने हमरीपुर में सबोर्डिनेट सिलेक्शन कमिशन भी भंग कर दिया गया, इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलना था पर अब उसमें भी देरी होगी,कई बच्चे तो अपने नतीजों का इंतजार ही करते रह गए।उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकार 10 झूठी गारंटी का वादा करके सत्ता में आई।
इनकी सरकार के वरिष्ठ मंत्री धनीराम शांडिल ने पहले हिमाचल प्रदेश में 1500 रू प्रति माह पात्र महिला की संख्या 32 लाख बताई,फिर 18 लाख और अब 10 लाख बता रहे है।अब तो उनके मंत्री कह रही है कि महिलाओं का नाम ग्राम पंचायत तय करेगी।इससे प्रतीत होता है कि यह वादा तो कांग्रेसी सरकार पूरा करना नहीं चाहती।कांग्रेस की सरकार षड्यंत्रकारी सरकार है और षड्यंत्र रच कर सत्ता में आई है यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी कांग्रेस के नेता 300 यूनिट फ्री बिजली की बात करते है पर हम इस सरकार से गुजारिश करते है को 125 यूनिट फ्री बिजली तो जनता को दे दो।अब तो बिजली के रेट भी बड़ने वाले है।इस सरकार ने गोबर खरीदने की प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं की है।पर एक बात तो स्पष्ट है कि इस सरकार ने अपनी ऐश परस्ती के लिए कोठियों पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं और सीपीएस को अलग से गाड़ियां भी दे दी है,यह सरकार केवल मात्र फजूलखर्ची की सरकार है।हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में प्रदेश के बुजुर्गों के बारे में सोचा।
पर इस सरकार ने संस्थान बंद करे बदला बदली और इस सुख की सरकार ने केवल अपने सुख के बारे में सोचा।
