उपमंडल में इस मर्तबा वायरस की चपेट में आई धान की फसल बुरी तरह बरबाद हो चुकी है। किसानों की मानें तो अबतक 70 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। इस वायरस की रोकथाम न होने से परेशान दो दर्जनों किसानों ने मजबूरन अपनी 250 बीघा भूमि पर खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया है।पहली बार ऐसा हुआ कि धान की फसल वायरस की चपेट में आई है। पांवटा साहिब समेत नाहन के कुछ हिस्सों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। लिहाजा,इस बार धान की पैदावार आधे से भी कम रह गई है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है। जानकारी के अनुसार धान उत्पादित क्षेत्र कोलर से भगानी तक यानी धौलाकुआं,कुंडियों,जामनीवाला,मिश्रवाला,माजरा,फतेहपुर, मटक माजरी,बहराल,पुरूवाला,नवादा,खोड़ोंवाला,बद्रीपुर, हरिपुर टोहाना बेहड़ेवाला,मानपुर देवड़ा, भारापुर, फतेहपुर, घुतनपुर व सतीवाला समेत अन्य गांव में धान की फसल को भारी क्षति पहुंची है।
कृषि प्रसार अधिकारी रश्मि भटनागर ने कहा कि वैज्ञानिकों के साथ वायरस की चपेट में धान फसल क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
