हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को वंदे मातरम् मुद्दे को लेकर विपक्ष की नारेबाजी के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)के विधायक विपिन सिंह परमार ने वंदे मातरम् का मुद्दा उठाया और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से इस विषय पर बोलने की अनुमति मांगी।परमार ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने का फैसला करके राष्ट्रगीत का ”अपमान”किया है।उन्होंने कहा कि केंद्र ने राष्ट्रगीत को लेकर नया कानून बनाया है,जिसके तहत इसका पूरा संस्करण गाना अनिवार्य किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट किया कि यह कानून राज्य विधानसभाओं पर लागू नहीं होता और यह केवल सरकारी कार्यक्रमों के लिए है।हालांकि,उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा सत्र के समापन पर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया जाएगा।अध्यक्ष ने कहा कि परंपरा के अनुसार विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान और समापन राष्ट्रगीत के साथ होगा।उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि पहला दिन दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने और श्रद्धांजलि देने के लिए निर्धारित होता है।पठानिया ने कहा कि पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि न देना उचित नहीं होगा।

हालांकि,विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी।इसके जवाब में सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने भी जवाबी नारे शुरू कर दिए,जिससे सदन में भारी हंगामा हुआ।हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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