
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं के कारण से बागी पुल,मतियाना,कुमारसैन,सैंज और कुर्पन खड्ड में जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं को गंभीर नुक्सान हुआ है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घटनास्थल पर जाकर नुक्सान का जायजा लिया।

अग्निहोत्री ने बताया कि बागी पुल में बाढ़ के कारण जल शक्ति विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।इसके अलावा,कुर्पन खड्ड परियोजना,जिसमें 315 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा था,बाढ़ में पूरी तरह से तबाह हो गई है।योजना का निर्माण अंतिम चरण में था और बाढ़ ने पंप हाऊस,मशीनरी और टैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया है।इस परियोजना को पुनः स्थापित करने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

रामपुर में जल शक्ति विभाग को 19 पेयजल योजनाओं और एक सीवरेज लाइन को 7 करोड़ 50 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है।इनमें से चार योजनाएं निर्माणाधीन थीं।अब तक 10 योजनाओं को पुनः चालू कर दिया गया है और शेष 5 योजनाओं को आज शाम तक शुरू करने की कोशिश की जा रही है।रामपुर अस्पताल में पानी की सप्लाई पहले ही बहाल कर दी गई है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कुल्लू जिला के निरमंड क्षेत्र के बागी पुल का दौरा किया और आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बादल फटने से हुई तबाही भयानक और दर्दनाक है,जिससे इलाके का संपर्क कट गया है।उन्होंने बताया कि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और सरकार हर संभव मदद प्रदान कर रही है।इस मौके पर इंजीनियर इन चीफ जल शक्ति विभाग अंजू शर्मा,उपमंडलाधिकारी कुमारसैन कृष्ण कुमार शर्मा,हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान शर्मा,और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
