
शिमला जिला परिषद में 26 साल बाद भाजपा ने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक दबदबे को तोड़ते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कब्जा कर लिया।गुरुवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नाटी डालकर जीत का जश्न मनाया।चंदलोग-नेरूवा वार्ड से निर्वाचित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और टिक्कर वार्ड से निर्वाचित भरत सिंह कलांटा उपाध्यक्ष चुने गए।अध्यक्ष पद के चुनाव में सिसोदिया को 13 वोट मिले,जबकि कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेटका को 10 वोट मिले।दो मत निरस्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर भरत सिंह कलांटा ने 14 वोट हासिल कर कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी को 10 वोटों से हराया।एक मत निरस्त हुआ।जिला परिषद का यह परिणाम जिले के बदलते राजनीतिक समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने भाजपा की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की 12 जिला परिषदों में से 11 में भाजपा का प्रभाव स्थापित होना बड़ा राजनीतिक संदेश है। शिमला कांग्रेस का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है,लेकिन तीन मंत्रियों के गृह जिले में भी पार्टी जिला परिषद के दोनों शीर्ष पद नहीं बचा पाई।यह जनता के बदलते मूड का प्रमाण है।महाजन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया लंबे समय तक टालने के बावजूद कांग्रेस अपना किला नहीं बचा पाई।अब सभी सदस्यों को राजनीति से ऊपर उठकर जिला परिषद के विकास के लिए काम करना चाहिए।

राज्यसभा सांसद डा.सिकंदर कुमार ने कहा कि 102 दिनों के इंतजार के बाद जिला परिषद को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिले हैं।उन्होंने भाजपा की जीत को लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि शिमला में भी कांग्रेस की राजनीतिक जमीन खिसकने के संकेत मिल रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस खेमे से भी भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान हुआ,जो पार्टी के भीतर बढ़ती निराशा का संकेत है।भाजपा ने कहा कि अध्यक्ष पद पर 13 और उपाध्यक्ष पद पर 14 वोट मिलना दर्शाता है कि पार्टी अपने समर्थित सदस्यों से आगे भी समर्थन जुटाने में सफल रही।पार्टी के मुताबिक जिला परिषद की यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया।नवनिर्वाचित अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया और उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा ने समर्थन देने वाले सदस्यों का आभार जताते हुए शिमला जिले के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही।भाजपा ने इस जीत को संगठन की एकजुटता और जमीनी स्तर पर बढ़ते जनसमर्थन का परिणाम बताया।
