
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन की शुरूआत हंगामेदार रही।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।जहां एक ओर भाजपा ने स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा,वहीं कांग्रेस ने विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान और महंगाई के मुद्दे से ध्यान भटकाने का पलटवार किया।

पूर्व सरकार की योजनाएं बंद कर रही वर्तमान सरकार : जयराम ठाकुर:नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सहारा और हिमकेयर योजनाओं की बहाली की मांग को लेकर नारेबाजी की।जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में कोई नई जनहित योजना शुरू नहीं कर पाई है,बल्कि पूर्व सरकार की योजनाओं को भी बंद कर रही है।उन्होंने महंगी मेडिकल मशीनों की खरीद पर सवाल उठाते हुए इसमें पारदर्शिता की कमी का अंदेशा जताया।ठाकुर ने दावा किया कि हिमकेयर योजना को बदनाम कर बंद करने की साजिश रची जा रही है और भाजपा विधायकों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि सहारा योजना बंद होने से जरूरतमंद लोग बेसहारा हो गए हैं।

चर्चा से भाग रहा विपक्ष:डिप्टी सीएम:भाजपा के धरने के समानांतर कांग्रेस विधायकों ने भी राष्ट्रगान के अपमान के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा के प्रदर्शन को ड्रामा करार देते हुए तीखा हमला बोला।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में अटैची लेकर अराजकता फैलाना चाहता है,जो विधायकों की खरीद-फरोख्त की याद दिलाता है।अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कोई दिशा नहीं है और वह देश में बढ़ रही महंगाई पर चर्चा से बचने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सदन के भीतर हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
