
कांग्रेस वर्किंग कमेटी द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन से परहेज करने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान में सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला पूरी तरह राष्ट्रविरोधी,संविधान विरोधी और संसद विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी कांग्रेस अब राष्ट्रीय गीत के सम्मान को भी राजनीतिक चश्मे से देखने लगी है।सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं,बल्कि भारत की स्वतंत्रता,राष्ट्रभक्ति और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है।कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ राजनीति नहीं की जा सकती।

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस आज संविधान की दुहाई देती है,लेकिन उसे यह भी याद रखना चाहिए कि संविधान की मूल भावना राष्ट्र की एकता,अखंडता और नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की है।संसद में राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके महत्त्व को लेकर देश की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए,न कि वोट बैंक की राजनीति के लिए उसमें विभाजनकारी दृष्टिकोण तलाशा जाए।सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कांग्रेस ने सत्ता की राजनीति के लिए देश का विभाजन स्वीकार किया,आज उसके नेताओं और गांधी परिवार के ऐसे निर्णय यह सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर कांग्रेस के आज के मंसूबे क्या हैं,क्या तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस फिर से देश की एकता और राष्ट्रीय भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना चाहती है।देश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है।वंदे मातरम् का सम्मान किसी दल,जाति या धर्म का विषय नहीं,बल्कि भारत माता और 140 करोड़ देशवासियों के सम्मान का विषय है।
