
शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी का मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है।अध्यक्ष पद पर बहुमत होने के बावजूद चुनाव नहीं करवाए जाने को लेकर 13 भाजपा समर्थित जिला पार्षदों ने सोमवार को हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।याचिका पर आज मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।हाई कोर्ट के अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर ने बताया कि याचिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से संबंधित सभी आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं।

याचिका में बताया गया है कि जिला परिषद चुनाव के परिणाम घोषित हुए 75 दिन से अधिक समय बीत चुका है,लेकिन अभी तक जिला शिमला को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नहीं मिल पाए हैं।प्रशासन की ओर से पहली बैठक की तारीख तय की गई थी,लेकिन उस बैठक में कोई सदस्य उपस्थित नहीं हुआ।इसके बाद अब तक चुनाव के लिए नई तारीख तय नहीं की गई है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा कि ममता एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य के नाम से 10 अगस्त को दायर याचिका में 13 निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों ने राज्य निर्वाचन आयोग,हिमाचल प्रदेश सरकार और उपायुक्त शिमला को प्रतिवादी बनाया है।शिमला जिला परिषद में कुल 25 वार्ड हैं।इनमें 13 पार्षद भाजपा समर्थित और 12 कांग्रेस समर्थित हैं।ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित पार्षदों के पास बहुमत है।चुनाव को 13 सदस्यों का समर्थन जरूरी है,जबकि बैठक के लिए 18 सदस्यों का कोरम निर्धारित है।
