
हिमाचल प्रदेश में आने वाले बजट सत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।धर्मशाला में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी बजट पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा,क्योंकि वह बजट का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व सीएम जयराम ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर प्रदेश सरकार के सामने जो आर्थिक स्थिति है,उससे निपटने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी,यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की ओर से ऑल पार्टी मीटिंग में जो प्रेजेंटेशन दी गई है,उसके अनुसार यदि वित्त सचिव उसी आधार पर बजट तैयार कर रहे हैं,और मुख्यमंत्री लोगों को गुमराह नहीं कर रहे हैं,तो सरकार को प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर जनता के सामने रखनी चाहिए।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रेजेंटेशन में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ता(डीए) देना संभव नहीं होगा,कई प्रकार की सब्सिडी बंद करनी पड़ सकती है,और आने वाले समय में नई नौकरियां देना भी मुश्किल होगा।वहीं स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो को आरटीआई के दायरे से बाहर करने पर सीएम सुक्खू के दिए बयान पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सवाल खड़ा किया है।जयराम ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सतर्कता विभाग को आरटीआई के कानूनी दायरे से बाहर करने के फैसले का कड़ा एतराज जताया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गलत तर्क दे रहे हैं कि विजिलेंस को आरटीआई से बाहर पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया गया है और यह एक प्रशासनिक निर्णय है।
