डॉ.राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक का किया शुभारंभ,आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर दिया बल।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने डॉ.राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय,हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार सुनिश्चित कर रही है और पिछले 40 वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक सुधार हो रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत तरीके से काम करने के बजाय आधुनिक तकनीक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है,ताकि आने वाले दस वर्षों में देश के अन्य क्षेत्रों से भी लोग उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश आएं।इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमआरआई,3 टेस्ला एमआरआई सहित अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं,ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार चिकित्सा महाविद्यालयांे में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है,जबकि उत्तर भारत के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।इसके अतिरिक्त,प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।राज्य सरकार स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले चिकित्सकों के बॉन्ड संबंधी प्रावधानों में छूट देने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीएससी नर्सिंग और रेडियोग्राफर प्रशिक्षण की सीटों में वृद्धि की है,जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक मशीनों और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ संवेदनशील एवं मरीज-केंद्रित व्यवहार भी आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय के बाद अब हमीरपुर और नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालयों में भी मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एमबीबीएस के विद्यार्थियों को 60-60 के बैच में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।उन्होंने कहा कि हमीरपुर में देश का पहला एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज शुरू किया गया है। इस वर्ष यहां चार पाठ्यक्रम आरंभ किए गए हैं,जबकि अगले वर्ष चार और नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को एलाइड एंड हेल्थकेयर क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर उपलब्ध होंगे।इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार,मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू हिमाचल प्रदेश ओबीसी वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ.मोहन लाल,कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया,हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया,एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा,हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के समन्वयक नरेश ठाकुर,उप-संयोजक संजय भारद्वाज,जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर की अध्यक्ष सुमन भारती,कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र वर्मा,स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार,निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ.गोपाल बेरी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
