
चंद्रनाहन रंगमंच,रोहडू के सभी कलाकारों के लिए वह क्षण भावुक करने वाले थे,जब राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उन्हें लोकभवन में चाय पर बुलाकर उनसे बातचीत की और उन्हें सम्मानित किया।शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में गत 12 अक्तूबर को वरिष्ठ रचनाकार एस.आर.हरनोट के चर्चित उपन्यास ‘‘हिडिंबा’’ पर आधारित ‘‘मुखौटासुर’’ का मंचन किया गया।चंद्रनाहन रंगमंच,रोहडू के कलाकारों ने नाटक के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि राज्यपाल भी देर रात तक नाटक को छोडकर जा न सके और कई बार भावुक भी हुए।

उन्होंने इन कलाकारों के साथ बातचीत में यह स्वीकार किया कि वे उनके मंचन से भावुक भी हुए और प्रभावित भी। उन्होंने कहा कि वे कॉलेज के दिनों में ‘वन एक्ट प्ले’ भी किया करते थे और जानते हैं कि एक कलाकार को अपनी प्रस्तुति के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।नाटक के निर्देशक कृष भारती ने राज्यपाल को नाटक को तैयार करने तथा अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।

कलाकारों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव साझा किए।बाद में,उन्होंने ऐतिहासिक लोकभवन का भ्रमण भी किया।राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
