
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 77वें वन महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत खड़ापत्थर में आयोजित किये गए वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और देवदार के पौधों का रोपण भी किया।उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण सरक्षण और जलवायु परिवर्तन एक बड़े संकट के रूप में पुरे विश्व के सामने खड़े हुए हैं।मनुष्य के निजी स्वार्थ,बढ़ती जनसंख्या और असंतुलित विकास ने प्रकृति पर अनावश्यक और असीमित दबाव बनाया है,जिससे पर्यावरण को नुकसान हुआ है।इस कारण धरती का तापमान बढ़ना और मौसम परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ देखने को मिल रही है।इसी के दृष्टिगत ऐसे वृक्षारोपण कार्यक्रम अपनी एक अलग महत्ता रखते है और इसे एक अभियान के रूप में हम सभी को अपनाना होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आज रोपे गए देवदार के पौधे भविष्य में अवश्य बड़े वृक्ष बनेंगे और इस धरती को जल,छाया और स्वच्छ वायु देंगे।वृक्षारोपण केवल एक सामाजिक और पर्यावरण से सम्बंधित कार्य नहीं है,बल्कि यह एक धार्मिक कार्य भी है।क्योंकि वेद और पुराणों में भी वृक्ष को सौ पुत्रों के समान माना गया है।उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह के और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जिससे कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण हो सके।इस दौरान शिक्षा मंत्री ने विभिन्न प्रतिनिधि मण्डलों से भी मुलाक़ात कर संवाद स्थापित किया और समस्याओं को सुना एवं त्वरित निदान का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर जुब्बल-कोटखाई-नावर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र मेहता,जिला परिषद सदस्य बढ़ाल वार्ड मीनाक्षी मांजटा,सरस्वती नगर सावड़ा वार्ड से जिला परिषद सदस्य नेहा मेहता,डीएफओ रोहड़ू,प्रधान ग्राम पंचायत शिल्ली संतोष दमाकटा,पंचायत समिति उपाध्यक्ष ब्लॉक जुब्बल कमलेश झगटा,पंचायत समिति उपाध्यक्ष व गिरिगंगा इको टूरिज्म कमेटी के अध्यक्ष लोकपाल शरखोली,जिला शिमला युवा कांग्रेस महासचिव दीक्षित भारद्वाज,युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक काल्टा,युवा कांग्रेस अध्यक्ष ब्लॉक कोटखाई अतुल चौहान,साथ लगती पंचायतों के जनप्रतिनिधि,विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
